भारत के प्रथम स्वदेशी बैंक, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 115वें स्थापना दिवस समारोह
सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने देशभर में विविध स्मरणीय कार्यक्रमों के साथ अपना 115वां स्थापना दिवस मनाया. इस अवसर पर भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव श्री...
- by Niyaz Ahmad
- Dec 24, 2025
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सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने देशभर में विविध स्मरणीय
कार्यक्रमों के साथ अपना 115वां
स्थापना दिवस मनाया. इस अवसर पर भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा
विभाग (DFS) के सचिव श्री एम.
नागराजू, आईएएस, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.
कार्यक्रम
में संबोधित करते हुए श्री एम. नागराजू ने कहा कि भारत के प्रथम स्वदेशी बैंक, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 115वें स्थापना दिवस समारोह का हिस्सा बनना
उनके लिए गौरव की बात है. उन्होंने देश की बैंकिंग प्रणाली को
सुदृढ़ करने तथा समावेशी आर्थिक विकास को समर्थन देने में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया
द्वारा निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया. उन्होंने पूरे भारत में
वित्तीय समावेशन के विस्तार और ग्राहक-केन्द्रित सेवाएँ प्रदान करने के लिए बैंक के निरंतर
प्रयासों की सराहना की. श्री नागराजू ने बैंक के संस्थापक सर सोराबजी पोचखानावाला
के कथन का उल्लेख करते हुए कहा,
“एक अच्छे बैंक के लाभ
केवल उसके बैंकिंग हॉल की चार दीवारों तक सीमित नहीं होते, न ही वे उसके बैंकिंग व्यवसाय की सीमाओं
तक बंधे रहते हैं; वे
व्यापार, उद्योग
तथा आर्थिक गतिविधि की प्रत्येक शाखा तक व्यापक रूप से विस्तारित होते हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया वास्तव में भारत की विकास गाथा का अभिन्न हिस्सा रहा है. ऋणों
में 72 प्रतिशत आरएएम (रिटेल, कृषि एवं एमएसएमई) हिस्सेदारी आम आदमी की सेवा के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. उन्होंने यह भी
कहा कि बैंक ने अपने व्यवसाय और लाभप्रदता में उल्लेखनीय सुधार किया है.
श्री
एम. नागराजू ने देश के बैंकिंग पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने तथा समावेशी
आर्थिक विकास को समर्थन देने में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया की महत्वपूर्ण भूमिका को
रेखांकित किया. उन्होंने वित्तीय पहुंच के विस्तार और देशभर में ग्राहक –
केन्द्रित सेवाएं प्रदान करने के लिए बैंक
के सतत प्रयासों की सराहना की.
इससे
पूर्व, विशिष्ट ग्राहकों तथा
विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामय उपस्थिति में मुख्य अतिथि का
स्वागत करते हुए सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी
श्री कल्याण कुमार ने श्री एम. नागराजू के तीन दशकों से अधिक के विशिष्ट करियर पर
प्रकाश डाला, जो राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर
समृद्ध प्रशासनिक अनुभव से परिपूर्ण रहा है. उन्होंने कहा कि सचिव,वित्तीय सेवाएं
विभाग के रूप में श्री नागराजू ने भारत के
बैंकिंग, बीमा तथा वित्तीय
समावेशन ढांचे को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. श्री कल्याण कुमार
ने बैंक के ऐतिहासिक 115वें
स्थापना दिवस समारोह में श्री नागराजू की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति पर
प्रसन्नता व्यक्त की.
श्री
कल्याण कुमार ने आगे बताया कि सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया अपने व्यापक अखिल भारतीय
नेटवर्क के माध्यम से देश की आर्थिक गतिविधियों को सशक्त बनाने में योगदान दे रहा
है. बैंक के 21,492 टच
प्वाइंट्स हैं, जिनमें
4,556 शाखाएं शामिल हैं,
जिनमें से 65.14% शाखाएं ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों
में स्थित हैं. बैंक का कुल व्यवसाय ₹7,37,938 करोड़ है, जिसमें कुल जमाओं में कासा की हिस्सेदारी 46.83% है.
उन्होंने
स्थापना दिवस सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न पहलों का भी उल्लेख किया, जो सामाजिक उत्तरदायित्व और सततता पर केन्द्रित
थीं. इन पहलों में “ फिट रहे - स्वस्थ रहे”, “पेड़
लगाएं – जीवन बचाएं”, “स्वच्छ
भारत – स्वस्थ भारत”,
“सेवा ही संकल्प” और “सेंट इंटेलिका” शामिल हैं. इन कार्यक्रमों के अंतर्गत
देशभर में 25,000 से
अधिक पौधे लगाए गए.
इस
अवसर पर बैंक द्वारा कई ग्राहक-अनुकूल उत्पादों का शुभारंभ किया गया. ग्राहक सेवा
एवं शिकायत निवारण पर आधारित एक हैंडबुक का औपचारिक विमोचन भी श्री एम. नागराजू
द्वारा किया गया.
सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक श्री एम.
वी. मुरली कृष्णा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा बैंक के 115वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने
एवं अपना बहुमूल्य समय देने के लिए श्री एम. नागराजू के प्रति आभार व्यक्त किया.

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